SAYARI DO LINE ME अजीब खेल है ये मोहब्बत का, किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला। उसने देखा ही नहीं अपनी हथेली को कभी, उसमे हलकी सी लकीर मेरी भी थी। तमाम नींदें गिरवी हैं हमारी उसके पास, जिससे ज़रा सी मुहब्बत की थी हमनें। कितने सालों के इंतज़ार का सफर खाक हुआ, उसने जब पूछा.. कहो कैसे आना हुआ। हाथों की लकीरे पढ़ कर रो देता है दिल, सब कुछ तो है मग़र तेरा नाम क्यूँ नहीं है। इश्क अभी पेश ही हुआ था इंसाफ के कटघरे में, सभी बोल उठे यही कातिल है.. यही कातिल है। ना जाने वो कितनी नाराज़ है मुझसे.. ख्वाब में भी मिलती है तो.. बात नहीं करती। जी करता है तेरे संग भीगू मोहब्बत की बरसात मे, और रब करे.. उसके बाद तुझे इश्क़ का बुखार हो जाए। उनका इल्ज़ाम लगाने का अंदाज ही कुछ गज़ब का था, हमने खुद अपने ही ख़िलाफ गवाही दे दी। ज़िंदगी में मोहबत का पौधा लगाने से पहले ज़मीन परख लेना, हर एक मिटटी की फितरत में वफ़ा नहीं होती दोस्तो। सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग.. एक नज़र हमको भी देख लो.. ज़...
Bewafa Shayari Koi achchi si saja do mujhko.. chalo bhula do mujhko.. Tumse dosti tute us din maut aa jaye mujhko.. dil ki gahraiyon se dua do mujhko. कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको, चलो ऐसा करो भूला दो मुझको, तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये, दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझko Koi chupata hai, koi batata hai.. Koi rulata hai to koi hasata hai.. Pyar to har kisiko hai kisi na kisi se.. Fark itna hai.. Koi azmaata hai aur koi nibhaata hai!! कोई छुपाता है, कोई बताता है, कोई रुलाता है, तो कोई हंसाता है, प्यार तो हर किसी को ही किसी न किसी से हो जाता है, फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है और कोई निभाता है! दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे, यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे, वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का, और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे! Dil se roye magar honto se muskura beithe, yunhi hum kisi se wafa nibha beithe, wo hame ek lamha na de paye apne py...